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· mCallz टीम

mCallz: Telecalling Kya Hai, टेलीकॉलर का काम और टूल की आसान हिंदी गाइड

Telecalling kya hai? टेलीकॉलिंग वह काम है जिसमें कोई कर्मचारी फ़ोन पर ग्राहकों से बात करता है: पूछताछ का जवाब देता है, प्रोडक्ट समझाता है, मुलाक़ात तय करता है या बिक्री आगे बढ़ाता है। mCallz टेलीकॉलर के मोबाइल को ही काम का पूरा औज़ार बना देता है: लीड की लिस्ट, auto dialer, कॉल के बाद रिमार्क, फॉलो-अप अलार्म और WhatsApp, सब एक ऐप में।

  • टेलीकॉलिंग का मतलब, प्रकार और टेलीकॉलर का रोज़ का काम
  • CRM, auto dialer और WhatsApp जैसे टूल किस काम आते हैं
  • कॉल मैनेजमेंट क्या होता है, आसान उदाहरण के साथ

कॉल हर फ़ोन की अपनी SIM से जाती हैं। Dialer, CRM और WhatsApp ₹4,000 प्रति यूज़र प्रति साल (₹333/माह) से, बड़ी टीम के लिए ₹208/माह तक कम। GST अलग।

  • हर फ़ोन की अपनी SIM पर
  • Android, iPhone और वेब
  • app.mcallz.com पर फ़्री ट्रायल
Telecalling kya hai: एक टेलीकॉलर के दिन की टाइमलाइन, लीड लिस्ट, कॉल, रिमार्क, WhatsApp और फॉलो-अप के साथ
सैंपल डेटा के साथ चित्रण

संक्षेप में जवाब

Telecalling kya hota hai?

टेलीकॉलिंग फ़ोन के ज़रिए ग्राहकों से संपर्क करने का काम है, जिसमें बिक्री, पूछताछ, फॉलो-अप, रिन्यूअल या सर्विस से जुड़ी बातचीत होती है।

mCallz एक टेलीकॉलिंग ऐप है जो Android फ़ोन और iPhone पर चलता है और टेलीकॉलर की पूरी दिनचर्या को एक जगह रखता है। सुबह मैनेजर लीड बाँटता है, तो हर टेलीकॉलर को अपनी अलग लिस्ट मिलती है। auto dialer उस लिस्ट के नंबर एक-एक करके लगाता है और जो नंबर नहीं उठता, उसे एक से तीन बार दोबारा मिलाता है। फ़ोन बजते ही स्क्रीन पर ग्राहक का नाम, उसका स्टेटस और पिछली बार का रिमार्क दिख जाता है। कॉल ख़त्म होने पर दो टैप में नया स्टेटस, रिमार्क और अगली कॉल का समय सेव हो जाता है, और तय समय पर फॉलो-अप अलार्म की तरह बजता है, चाहे फ़ोन लॉक हो। मिस्ड कॉल के बाद ग्राहक को अपने-आप WhatsApp मैसेज भी जा सकता है। ऐप 40 से ज़्यादा भाषाओं में है, और यहाँ लिखी हर सुविधा 14 अक्टूबर 2026 की फ़ीचर लिस्ट में मौजूद है।

  1. टेलीकॉलिंग में असली काम बातचीत है; नंबर लगाना और याद रखना ऐप पर छोड़ा जा सकता है।
  2. हर कॉल का नतीजा लिखा जाए, तो अगली कॉल वहीं से शुरू होती है जहाँ पिछली रुकी थी।
  3. टेलीकॉलिंग सेल्स के साथ-साथ सर्विस, रिन्यूअल और वसूली में भी होती है।

फ़ायदे

टेलीकॉलिंग के फ़ायदे: बिज़नेस और टेलीकॉलर दोनों के लिए

01

कम ख़र्च में ज़्यादा ग्राहक

दुकान या दफ़्तर से बाहर गए बिना एक व्यक्ति दिनभर में कई लोगों तक पहुँच जाता है।

02

तुरंत जवाब

विज्ञापन या वेबसाइट से आई पूछताछ पर उसी दिन फ़ोन जाता है, जब ग्राहक की दिलचस्पी ताज़ा होती है।

03

सीधी बातचीत

ग्राहक का सवाल, शक या आपत्ति उसी समय सुनकर जवाब दिया जा सकता है, जो मैसेज में मुश्किल है।

04

पुराने ग्राहकों से रिश्ता

रिन्यूअल, नई स्कीम या फ़ीडबैक के लिए कॉल करने से ग्राहक दोबारा ख़रीदता है।

05

शुरुआत के लिए अच्छा काम

नए लोगों के लिए टेलीकॉलिंग बातचीत, धैर्य और सेल्स सीखने का अच्छा पहला कदम है।

टेलीकॉलर का काम

Telecalling job kya hai: टेलीकॉलर रोज़ क्या करता है

टेलीकॉलर, जिसे टेलीकॉलिंग एग्ज़ीक्यूटिव भी कहा जाता है, का काम सिर्फ़ फ़ोन मिलाना नहीं है। उसकी ज़िम्मेदारियाँ आम तौर पर ये होती हैं:

  • नई पूछताछ (लीड) को फ़ोन करके समझना कि ग्राहक को असल में क्या चाहिए।
  • प्रोडक्ट या सर्विस की जानकारी सही और साफ़ शब्दों में देना, बिना बढ़ा-चढ़ाकर बोले।
  • हर कॉल के बाद नतीजा लिखना: ग्राहक इच्छुक है, बाद में बात करेगा, या मना कर चुका है।
  • जिससे दोबारा बात करने का वादा किया, उसे तय समय पर फिर फ़ोन करना।
  • मीटिंग, डेमो, साइट विज़िट या दुकान पर आने का समय पक्का करना।
  • ग्राहक को ब्रोशर, रेट लिस्ट या लोकेशन WhatsApp पर भेजना।
  • दिन के आख़िर में अपने काम की रिपोर्ट टीम लीडर को देना, या उसे ऐप से अपने-आप दिखने देना।

प्रकार

टेलीकॉलिंग के प्रकार: इनबाउंड, आउटबाउंड, सेल्स और सर्विस

आउटबाउंड टेलीकॉलिंग

टेलीकॉलर ख़ुद ग्राहकों को फ़ोन करता है, जैसे नई पूछताछ, ऑफ़र या रिन्यूअल की याद दिलाना। ज़्यादातर छोटे बिज़नेस में यही होता है।

इनबाउंड टेलीकॉलिंग

ग्राहक बिज़नेस के नंबर पर फ़ोन करते हैं और टेलीकॉलर जवाब देता है, जैसे ऑर्डर, शिकायत या जानकारी के लिए।

सेल्स टेलीकॉलिंग

लक्ष्य बिक्री या अगला कदम होता है: डेमो, विज़िट, ट्रायल क्लास या कोटेशन।

सर्विस और वसूली

ऑर्डर की पुष्टि, डिलीवरी की जानकारी, फ़ीडबैक, या बकाया भुगतान की याद दिलाने वाली कॉल।

BPO टेलीकॉलिंग

जब कोई कंपनी अपना कॉलिंग का काम किसी दूसरी कंपनी (BPO) को देती है, तो वहाँ के टेलीकॉलर उस क्लाइंट के ग्राहकों से बात करते हैं।

घर से टेलीकॉलिंग

कई बिज़नेस टेलीकॉलर को घर से काम करने देते हैं, बशर्ते कॉल और हाज़िरी का रिकॉर्ड मैनेजर तक पहुँचे।

दिनचर्या

टेलीकॉलर का दिन कैसे चलता है: सुबह से शाम तक

हर बिज़नेस का समय अलग होता है, पर एक आम टेलीकॉलर का दिन कुछ ऐसा दिखता है:

  1. दिन की शुरुआत

    हाज़िरी लगाना, आज की लीड लिस्ट और आज के फॉलो-अप देखना। पहले वे कॉल जिनका वादा कल किया था।

  2. नई लीड पर कॉल

    ताज़ा पूछताछ को जल्दी फ़ोन करना, क्योंकि उसी समय ग्राहक सबसे ज़्यादा ध्यान देता है।

  3. हर कॉल के बाद नोट

    स्टेटस और छोटा रिमार्क लिखना, जैसे "अगले महीने ख़रीदेंगे, बजट 20 हज़ार", और अगली कॉल का समय तय करना।

  4. दोपहर के फॉलो-अप

    जिन लोगों ने बाद में बात करने को कहा था, उन्हें तय समय पर फ़ोन करना।

  5. मैसेज और जानकारी भेजना

    बात के बाद ग्राहक को WhatsApp पर ब्रोशर, रेट या लोकेशन भेजना।

  6. दिन का हिसाब

    कितनी कॉल लगीं, कितने लोगों से बात हुई और कितने अगले कदम तय हुए, यह टीम लीडर के साथ देखना।

टूल

टेलीकॉलिंग के टूल: CRM, auto dialer और WhatsApp

टेलीकॉलिंग डायरी और पेन से भी हो सकती है, पर लीड बढ़ते ही चीज़ें छूटने लगती हैं। इसलिए ज़्यादातर टीमें ये टूल इस्तेमाल करती हैं, और mCallz में ये एक ही ऐप में हैं:

CRM

हर ग्राहक का रिकॉर्ड: नाम, नंबर, ज़रूरत, स्टेटस और पिछली बातचीत। mCallz में कॉल आते ही यह जानकारी स्क्रीन पर दिखती है, लॉक स्क्रीन पर भी।

auto dialer

लिस्ट के नंबर अपने-आप एक के बाद एक लगाता है। mCallz में न उठने वाले नंबर एक से तीन बार दोबारा मिलाए जाते हैं, और बीच में रोका या छोड़ा जा सकता है।

फॉलो-अप रिमाइंडर

5 मिनट से 1 महीने तक का समय एक टैप में। mCallz का रिमाइंडर अलार्म की तरह बजता है और तब तक खुला रहता है जब तक काम पूरा न हो।

WhatsApp

मिस्ड, आने वाली या की गई कॉल के बाद अलग-अलग मैसेज अपने-आप भेजे जा सकते हैं, और सेव किए टेम्पलेट फ़ोटो या PDF के साथ एक टैप में जाते हैं।

टीम रिपोर्ट

मालिक या टीम लीडर हर टेलीकॉलर की कॉल एक ही अकाउंट में देखता है, जुड़ी, मिस्ड और लॉस्ट लीड कॉल की गिनती के साथ।

हाज़िरी

दफ़्तर की लोकेशन पर लाइव सेल्फ़ी से पंच-इन, ताकि काम के घंटे और कॉल एक साथ दिखें।

कॉल मैनेजमेंट

Call management kya hai: कॉल मैनेजमेंट का आसान मतलब

कॉल मैनेजमेंट का मतलब है बिज़नेस की हर फ़ोन कॉल को व्यवस्थित तरीक़े से संभालना: कौन-सी कॉल आई या गई, किससे क्या बात हुई, नतीजा क्या रहा और अगला कदम कब है। टेलीकॉलिंग जहाँ बातचीत का काम है, वहीं कॉल मैनेजमेंट उस बातचीत के आसपास का पूरा इंतज़ाम है।

उदाहरण से समझें। किसी ग्राहक की मिस्ड कॉल आई और किसी ने वापस फ़ोन नहीं किया, तो वह ग्राहक शायद किसी और के पास चला जाएगा। अच्छे कॉल मैनेजमेंट में यह कॉल दर्ज होती है, ग्राहक को तुरंत एक मैसेज जाता है, और टेलीकॉलर को वापस फ़ोन करने की याद आती है।

  • कॉल का रिकॉर्ड: हर कॉल ग्राहक के नाम के साथ दर्ज, सही SIM और सही प्रकार (आने वाली, जाने वाली, मिस्ड) के साथ।
  • नतीजा और अगला कदम: हर कॉल के बाद स्टेटस, रिमार्क और फॉलो-अप का समय।
  • मिस्ड कॉल का जवाब: एक टैप में वापस फ़ोन या WhatsApp, ताकि कोई ग्राहक इंतज़ार में न रहे।
  • टीम की निगरानी: मालिक बिना पूछे देख सके कि किसने कितनी कॉल कीं और क्या नतीजा निकला।
  • स्पैम और ब्लॉक: फ़ालतू कॉल पहचानना और रोकना, ताकि काम की कॉल पर ध्यान रहे।

हुनर और नौकरी

टेलीकॉलिंग में ज़रूरी हुनर और नौकरी से जुड़ी बातें

टेलीकॉलिंग के लिए किसी ख़ास डिग्री से ज़्यादा कुछ आदतें काम आती हैं: साफ़ और धीमा बोलना, ग्राहक की बात पूरी सुनना, मना सुनकर निराश न होना, और हर बात लिखकर रखना। ग्राहकों की भाषा आना बड़ा फ़ायदा है, चाहे वह हिंदी हो, कोई क्षेत्रीय भाषा हो या अंग्रेज़ी।

नौकरी के तौर पर टेलीकॉलिंग रियल एस्टेट, शिक्षा, बीमा, लोन, ई-कॉमर्स, ट्रैवल और BPO जैसे कई क्षेत्रों में होती है। सैलरी शहर, कंपनी, भाषा, अनुभव और इंसेंटिव के नियमों पर बहुत निर्भर करती है, इसलिए नौकरी लेने से पहले फ़िक्स सैलरी, इंसेंटिव और टारगेट तीनों लिखित में समझ लें।

एक बात नियमों की भी। भारत में ग्राहक 1909 पर SMS या कॉल करके तय कर सकते हैं कि उन्हें किस तरह की प्रमोशनल कॉल चाहिए, और TRAI के 2025 के बदलावों के बाद स्पैम कॉल की शिकायत 7 दिन के अंदर की जा सकती है। प्रमोशनल कॉल के लिए 140 नंबर सीरीज़ तय है। यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं; ज़्यादा जानकारी auto dialer के नियमों वाली गाइड में है।

एक नज़र में

टेलीकॉलिंग के शब्द: मतलब और कहाँ दिखते हैं

टेलीकॉलिंग में रोज़ सुनाई देने वाले शब्द, उनका मतलब और वे कहाँ दिखते हैं
शब्दमतलबकहाँ दिखता है
लीडऐसा व्यक्ति जिसने पूछताछ की है या जो ग्राहक बन सकता हैलीड लिस्ट, CRM
स्टेटसलीड अभी किस हालत में है: नया, इच्छुक, बाद में, मनाकॉल के बाद की शीट, लीड कार्ड
रिमार्कबातचीत का छोटा नोट जो अगली कॉल पर काम आता हैकॉलर कार्ड, ग्राहक की हिस्ट्री
फॉलो-अपतय समय पर दोबारा संपर्क करने का वादारिमाइंडर टैब, अलार्म
auto dialerलिस्ट के नंबर अपने-आप एक-एक करके लगाने वाला टूलकॉलिंग सेशन
कनेक्टेड कॉलवह कॉल जिसमें सामने वाले ने फ़ोन उठायाकॉल रिपोर्ट, एनालिटिक्स
लॉस्ट लीडवह नंबर जिससे तय सीमा से ज़्यादा देर बात नहीं हो पाईलॉस्ट लीड लिस्ट
DNDग्राहक की पसंद कि उसे प्रमोशनल कॉल या मैसेज न मिलेंटेलीकॉम कंपनी, 1909
CRMग्राहकों और उनसे हुई हर बातचीत का रिकॉर्ड रखने वाला सॉफ़्टवेयरऐप या वेब डैशबोर्ड

सीमाएँ

टेलीकॉलिंग के लिए mCallz की सीमाएँ

mCallz मोबाइल से बाहर की ओर कॉल करने वाली टीमों के लिए बना है। इन ज़रूरतों के लिए कोई और प्रोडक्ट देखें:

  • एक नंबर पर आने वाली बहुत सारी कॉल। IVR मेनू, वर्चुअल नंबर और कॉल क्यू अभी mCallz में नहीं हैं; हेल्पलाइन के लिए क्लाउड टेलीफ़ोनी चाहिए।
  • रिकॉर्ड की हुई आवाज़ वाली कॉल। mCallz हर कॉल पर एक इंसान को बात करने देता है; रोबोकॉल या एक साथ कई लाइन मिलाने वाली डायलिंग नहीं है।
  • iPhone पर कॉल लॉग अपने-आप। iPhone ऐप में फ़ोन की कॉल हिस्ट्री पढ़ने को छोड़कर बाकी सब है, इसलिए SIM कॉल का अपने-आप रिकॉर्ड Android पर होता है।
  • DND की जाँच। ऐप नंबरों को किसी सरकारी रजिस्टर से नहीं मिलाता; लिस्ट पहले ख़ुद जाँचें।

उदाहरण

टेलीकॉलिंग का उदाहरण: लखनऊ के एक ड्राइविंग स्कूल की टेलीकॉलर

लखनऊ, भारत में एक ड्राइविंग स्कूल। यह बिज़नेस एक उदाहरण है, कोई असली ग्राहक नहीं।

1टेलीकॉलर, Android फ़ोन पर
40नई पूछताछ हर दिन, विज्ञापन और वेबसाइट से
3बार तक दोबारा कॉल, अगर नंबर न उठे
₹4,000एक सीट का सालाना ख़र्च (US$44.08), GST अलग

स्कूल की टेलीकॉलर सुबह 10 बजे सेल्फ़ी से हाज़िरी लगाती है और सबसे पहले कल के वादे वाले फॉलो-अप पूरे करती है। इसके बाद वह आज की लगभग 40 नई पूछताछ पर auto dialer चलाती है। हर व्यक्ति से वह तीन बातें पूछती है: कार सीखनी है या दोपहिया, सुबह का बैच चाहिए या शाम का, और लाइसेंस में मदद चाहिए या नहीं।

जो लोग इच्छुक हैं, उन्हें वह "डेमो क्लास" स्टेटस देकर अगले दिन का समय तय करती है, और कॉल के तुरंत बाद फ़ीस और रूट की जानकारी WhatsApp पर चली जाती है। जो नहीं उठाते, उन्हें ऐप बाद में दोबारा मिलाता है। शाम को स्कूल का मालिक वेब पर देखता है कि कितनी कॉल जुड़ीं और कितनी डेमो क्लास बुक हुईं। यह स्कूल और सारे आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं।

सवाल

टेलीकॉलिंग FAQ: telecalling kya hai से जुड़े सवाल

Telecalling ka matlab kya hai?

टेलीकॉलिंग का मतलब है फ़ोन पर ग्राहकों से बात करके बिज़नेस का काम करना। इसमें बिक्री, पूछताछ का जवाब, फॉलो-अप, रिन्यूअल और सर्विस की कॉल शामिल हैं।

Telecalling job kya hai?

यह ऐसी नौकरी है जिसमें आप कंपनी की ओर से ग्राहकों को फ़ोन करते हैं या उनकी कॉल का जवाब देते हैं। हर कॉल का नतीजा लिखना और तय समय पर फॉलो-अप करना भी इसी काम का हिस्सा है।

BPO telecalling kya hai?

जब कोई कंपनी अपना कॉलिंग का काम किसी बाहरी कंपनी को सौंपती है, उसे BPO कहते हैं। वहाँ के टेलीकॉलर क्लाइंट कंपनी के ग्राहकों से उसी कंपनी के नाम पर बात करते हैं।

Telecalling executive ka kaam kya hota hai?

लीड को फ़ोन करना, ज़रूरत समझना, जानकारी देना, अगला कदम तय करना और हर कॉल का रिकॉर्ड रखना। अनुभवी एग्ज़ीक्यूटिव नए लोगों की मदद और मुश्किल ग्राहकों को भी संभालते हैं।

Call management kya hota hai?

हर बिज़नेस कॉल को व्यवस्थित तरीक़े से संभालने को कॉल मैनेजमेंट कहते हैं: कॉल का रिकॉर्ड, उसका नतीजा, अगला कदम और टीम की रिपोर्ट। अच्छे इंतज़ाम में मिस्ड कॉल भी बिना जवाब के नहीं छूटती।

टेलीकॉलिंग और टेलीमार्केटिंग में क्या फ़र्क है?

टेलीमार्केटिंग आम तौर पर बेचने के लिए की गई कॉल को कहते हैं। टेलीकॉलिंग इससे बड़ा शब्द है, जिसमें बिक्री के साथ सर्विस, रिन्यूअल, ऑर्डर की पुष्टि और वसूली की कॉल भी आती हैं।

टेलीकॉलिंग जॉब में सैलरी कैसे तय होती है?

सैलरी शहर, कंपनी, भाषा, अनुभव और इंसेंटिव के नियमों पर निर्भर करती है, इसलिए कोई एक आँकड़ा सही नहीं है। ऑफ़र लेते समय फ़िक्स हिस्सा, इंसेंटिव और टारगेट लिखित में ज़रूर लें।

क्या टेलीकॉलिंग घर से की जा सकती है?

हाँ, कई कंपनियाँ यह सुविधा देती हैं। इसके लिए शांत जगह, अच्छा नेटवर्क और ऐसा ऐप चाहिए जिससे आपकी कॉल और हाज़िरी मैनेजर तक पहुँचती रहे।

नया टेलीकॉलर काम कैसे सीखे?

पहले अनुभवी साथी की कुछ कॉल सुनें, फिर आसान और ताज़ा पूछताछ से शुरू करें। हर कॉल के बाद छोटा नोट लिखने की आदत डालें, क्योंकि यही अगली कॉल को आसान बनाता है।

टेलीकॉलिंग के लिए कौन-सा ऐप अच्छा है?

जो टीमें अपने मोबाइल नंबर से कॉल करती हैं, उनके लिए mCallz अच्छा है। इसमें auto dialer, लीड CRM, फॉलो-अप अलार्म, WhatsApp और टीम रिपोर्ट एक ही ऐप में हैं।

क्या mCallz टेलीकॉलिंग ऐप है?

हाँ, mCallz एक टेलीकॉलिंग ऐप है जो फ़ोन का डायलर बनकर हर कॉल को लीड से जोड़ता है, कॉल के बाद स्टेटस और फॉलो-अप दो टैप में सेव करता है और मालिक को पूरी टीम की कॉल दिखाता है।

mCallz से टेलीकॉलिंग का ख़र्च कितना है?

mCallz का बिल साल भर के लिए हर यूज़र पर बनता है। 1 से 4 यूज़र की टीम में हर यूज़र का ख़र्च ₹4,000 सालाना (US$44.08) है, यानी महीने का लगभग ₹333। टीम जितनी बड़ी, प्रति यूज़र दाम उतना कम: 20 यूज़र पर हर यूज़र ₹2,500 सालाना। 20 से ज़्यादा यूज़र के लिए WhatsApp पर अलग दाम पूछें। GST अलग है, और कॉल आपके अपने मोबाइल प्लान से होती हैं।

टेलीकॉलिंग शुरू करें: पहली लिस्ट mCallz पर

एक फ़ोन पर mCallz डालें, दस लीड की लिस्ट बनाएँ और पहली कॉल के बाद रिमार्क और फॉलो-अप सेव करके देखें।